एनसिल के बारे में
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम मुख्य रूप से राष्ट्रीय विकास के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और उसके अनुप्रयोगों से सामाजिक-आर्थिक लाभ प्राप्त करने पर केंद्रित है। पिछले पाँच दशकों में 100 से अधिक उपग्रह मिशन, 70 से अधिक प्रक्षेपण यान मिशन, चंद्रमा और मंगल के मिशन सफलतापूर्वक पूरे करने तथा मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन (गगनयान) की शुरुआत करने के साथ…
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भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम और एनसिल की उत्पत्ति
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम मुख्य रूप से राष्ट्रीय विकास के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और उसके अनुप्रयोगों से सामाजिक-आर्थिक लाभ प्राप्त करने पर केंद्रित है। पिछले पाँच दशकों में 100 से अधिक उपग्रह मिशन, 70 से अधिक प्रक्षेपण यान मिशन, चंद्रमा और मंगल के मिशन सफलतापूर्वक पूरे करने तथा मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन (गगनयान) की शुरुआत करने के साथ भारत विश्व के अग्रणी अंतरिक्ष-सक्षम राष्ट्रों की श्रेणी में शामिल है।
भारत में अंतरिक्ष गतिविधियों में प्रारंभ से ही भारतीय उद्योग की भागीदारी रही है और वर्तमान में 500 से अधिक उद्योग भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ कार्य कर रहे हैं। भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की निरंतर बढ़ती माँगों को पूरा करने तथा उभरते वैश्विक अंतरिक्ष बाज़ार का वाणिज्यिक उपयोग करने के लिए भारतीय उद्योगों को अपने विनिर्माण और उत्पादन आधार का विस्तार करना आवश्यक है।
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम से उत्पन्न उत्पादों और सेवाओं का वाणिज्यिक उपयोग करने के उद्देश्य से मार्च 2019 में अंतरिक्ष विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में पूर्ण स्वामित्व वाली सरकारी कंपनी के रूप में "न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड" का निगमन किया गया। वर्तमान में एनसिल की अधिकृत शेयर पूँजी ₹7500 करोड़ तथा प्रदत्त पूँजी ₹5607.60 करोड़ है। एनसिल भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की वाणिज्यिक शाखा है। एनसिल के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें।
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