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23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चंद्रयान-3 मिशन की सफल लैंडिंग की स्मृति में भारत सरकार ने 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस घोषित किया। इसके अंतर्गत इसरो के विभिन्न केंद्रों/इकाइयों द्वारा क्षेत्रीय एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रमों सहित देशव्यापी समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।
अंतरिक्ष विभाग के अधीन भारत सरकार की कंपनी एवं इसरो की वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनसिल) ने राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2024 मनाने के लिए 2 अगस्त 2024 को इसरो मुख्यालय, अंतरिक्ष भवन, बेंगलूरु में एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम के लिए कर्नाटक के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से लगभग 100 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से बेंगलूरु के लगभग 20 विद्यालयों और कर्नाटक के 5 महाविद्यालयों को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया, जिसमें हाई स्कूल के विद्यार्थियों के लिए 'अंतरिक्ष प्रश्नोत्तरी' प्रतियोगिता और इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए 'स्टार्ट-अप पिच' प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में चंद्रयान-3 के परियोजना निदेशक डॉ. पी. वीरमुथुवेल द्वारा मिशन की विशिष्टताओं पर तथा मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी) के निदेशक डॉ. दिनेश कुमार सिंह द्वारा गगनयान मिशन पर विशेषज्ञ व्याख्यान भी दिए गए।
अंतरिक्ष विभाग के सचिव एवं इसरो के अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ ने एनसिल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राधाकृष्णन दुरैराज के साथ समापन सत्र में भाग लिया और उपस्थित जनों को संबोधित किया। उत्साही विद्यार्थियों को इसरो अध्यक्ष के साथ संवाद करने और अंतरिक्ष से जुड़े अनेक प्रश्न पूछने का अवसर भी मिला।
इस वर्ष के राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की थीम है "चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना: भारत की अंतरिक्ष गाथा"। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस का मुख्य समारोह 23 अगस्त 2024 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में संपन्न होगा।
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